रविवार, 22 जुलाई 2012

सआदत हसन मंटो/करामात

लूटा हुआ माल बरामद करने के लिए पुलिस ने छापे मारने शुरू किये. लोग लूटा हुआ माल डर के मारे अँधेरे में बाहर फेंकने लगे. कुछ ऐसे भी थे जिन्होंने मौका पाकर अपना माल भी अपने से अलग कर दिया ताकि कानूनी गिरफ्त से बचे रहें. एक आदमी को बहुत दिक्कतें पेश आई.उसके पास शक्कर की दो बोरियां थी जो उसने पंसारी की दुकान से लूटी थी. एक तो वह रात के अँधेरे में पास वाले कुवें में फेंक आया.दूसरी उठाकर डालने लगा तो खुद भी साथ हो चला.शोर सुनकर लोग इक्कठा हो गए.कुवें में रस्सियाँ डाली गई, जो जवान उतारे और उस आदमी को बाहर निकाल लायें. लेकिन चंद मिनटों में वह मर गया. दुसरे दिन लोगों ने इस्तेमाल के लिए कुवें का पानी निकला, तो वह मीठा था. उसी रात में उस आदमी की कब्र पर दिए जल रहें हैं.

कोई टिप्पणी नहीं:

Birth Anniversary of Bhagat Singh भगत सिंह: ‘मत समझो पूजे जाओगे क्योंकि लड़े थे दुश्मन से!’

  वाकया तो खैर 1948 का है यानी 77 साल पुराना, लेकिन इस लिहाज से उल्लेखनीय है कि हमारे आज के सत्ताधीश, जो अब शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की याद और स...