वेद में जिनका हवाला हाशिये पर भी नहीं
वे अभागे आस्थाह विश्वा स लेकर क्या करें
लोकरंजन हो जहां शम्बूाक-वध की आड़ में
उस व्यनवस्था् का घृणित इतिहास लेकर क्यां करें
कितना प्रतिगामी रहा भोगे हुए क्षण का इतिहास
त्रासदी, कुंठा, घुटन, संत्रास लेकर क्या करें
बुद्धिजीवी के यहाँ सूखे का मतलब और है
ठूंठ में भी सेक्सँ का एहसास लेकर क्या करें
गर्म रोटी की महक पागल बना देती मुझे
पारलौकिक प्यामर का मधुमास लेकर क्याा करें
वे अभागे आस्थाह विश्वा स लेकर क्या करें
लोकरंजन हो जहां शम्बूाक-वध की आड़ में
उस व्यनवस्था् का घृणित इतिहास लेकर क्यां करें
कितना प्रतिगामी रहा भोगे हुए क्षण का इतिहास
त्रासदी, कुंठा, घुटन, संत्रास लेकर क्या करें
बुद्धिजीवी के यहाँ सूखे का मतलब और है
ठूंठ में भी सेक्सँ का एहसास लेकर क्या करें
गर्म रोटी की महक पागल बना देती मुझे
पारलौकिक प्यामर का मधुमास लेकर क्याा करें
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